नई दिल्ली | 29 जनवरी 2025 – विराट कोहली के लिए यह रणजी ट्रॉफी मुकाबला सिर्फ एक घरेलू मैच नहीं, बल्कि उनके करियर के मौजूदा दौर की परीक्षा है। रेलवे के खिलाफ दिल्ली के लिए खेलते हुए, कोहली अगर शतक, दोहरा या तिहरा शतक लगाते हैं, तो आलोचकों के लिए यह "कोई बड़ी बात" नहीं होगी। लेकिन अगर वह फिर से फ्लॉप हुए, तो उनकी आलोचना चरम पर होगी। सवाल उठेगा—क्या कोहली अब पुराने विराट नहीं रहे?
रणजी ट्रॉफी में 12 साल बाद कोहली!
कोहली आखिरी बार रणजी ट्रॉफी में 2012 में खेले थे। तब उनके नाम सिर्फ 10 टेस्ट मैच थे। अब 36 साल की उम्र में, 123 टेस्ट और 30 शतकों के साथ, वह एक बार फिर घरेलू क्रिकेट में उतर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि यह मैच वह सामान्य परिस्थितियों में नहीं खेल रहे होते। लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने हाल के खराब टेस्ट प्रदर्शन के बाद स्टार खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट खेलने का निर्देश दिया है।
क्यों खेलना पड़ा यह मैच?
भारत ने पिछले आठ में से छह टेस्ट मैच हारे हैं। बल्लेबाजी क्रम लगातार असफल रहा है। इंग्लैंड के खिलाफ 6 फरवरी से वनडे सीरीज और फिर चैंपियंस ट्रॉफी से पहले BCCI ने रोहित शर्मा, शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत और रवींद्र जडेजा जैसे खिलाड़ियों को भी घरेलू क्रिकेट खेलने पर मजबूर किया। कोहली और केएल राहुल अब इस नई रणनीति का हिस्सा बन गए हैं।
शतक या फ्लॉप? दोनों ही चर्चाओं में रहेंगे कोहली!
रेलवे की गेंदबाजी आक्रमण कोई बड़ी चुनौती नहीं है। अगर कोहली बड़ा स्कोर बना देते हैं, तो इसे "स्वाभाविक" माना जाएगा। लेकिन अगर वे नाकाम रहते हैं, तो उनके आलोचक यह कहने से नहीं चूकेंगे—"अब रेलवे के खिलाफ भी रन नहीं बना पा रहे!"
रणजी ट्रॉफी से इंग्लैंड सीरीज की तैयारी?
हालांकि, यह मैच इंग्लैंड में जून में होने वाली टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिए नहीं है। तब तक आईपीएल हो चुका होगा, जिससे रणजी ट्रॉफी में बने ये रन भुला दिए जाएंगे। लेकिन न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया से लगातार टेस्ट हारने के बाद खिलाड़ियों के पास अब BCCI की बात मानने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
कोहली के लिए यह मैच क्या मायने रखता है?
कोहली कभी भी सिर्फ औपचारिकता निभाने के लिए क्रिकेट नहीं खेलते। वह मैदान पर उतरते हैं तो जीतने के लिए खेलते हैं। लेकिन क्या उन्हें रणजी ट्रॉफी के इस मैच से वह जुनून मिलेगा, जिसकी उन्हें जरूरत है? क्योंकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार फेल होने के बाद अब हर पारी उनके करियर के लिए अहम हो गई है।
अब सबकी नजरें इसी पर टिकी हैं—क्या कोहली रेलवे के खिलाफ बड़ा धमाका करेंगे या एक और असफल पारी खेलकर आलोचकों को नया मौका देंगे?