पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड चैंपियंस ट्रॉफी के लिए स्टेडियम तैयार होने का दावा, लेकिन चिंताएं बनीं
कराची: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने आगामी चैंपियंस ट्रॉफी के लिए कराची और लाहौर के स्टेडियमों की तैयारियों को लेकर आश्वासन दिया है, बावजूद इसके कि इन स्टेडियमों में मरम्मत और नवीनीकरण का काम समय सीमा तक पूरा होने को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
चैंपियंस ट्रॉफी, जो 19 फरवरी से शुरू होने वाली है, के लिए कराची का नेशनल स्टेडियम प्रमुख स्थल है, और यहां के पुनर्निर्माण कार्य को लेकर बड़ी सवाल उठ रहे हैं। पाकिस्तान के एक प्रमुख अंग्रेजी दैनिक 'डॉन' ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि यह संभावना नहीं दिखती कि मरम्मत का काम निर्धारित समय सीमा तक पूरा हो पाएगा। हालांकि, पीसीबी के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने मंगलवार को रावलपिंडी स्टेडियम का निरीक्षण किया और दावा किया कि चैंपियंस ट्रॉफी योजनानुसार आयोजित होगी।
वहीं, निर्माण कार्यों पर नजर रखने वाले सूत्रों ने बताया कि समय पर उपकरणों की आपूर्ति और अनुमतियों की कमी के कारण कराची के कुछ हिस्सों में काम में देरी हो रही है। खासकर कराची में स्टेडियम में पैनल लगाने का काम अपेक्षाकृत देर से शुरू हुआ। निर्माण कार्यों की निगरानी करने वाले बिलाल चौहान ने भी इस संबंध में अपनी चिंता जाहिर की, यह कहते हुए कि उन्हें आवश्यक सामग्री और मंजूरी समय पर नहीं मिल पा रही है।
पीसीबी ने लाहौर, कराची और रावलपिंडी में इन स्टेडियमों के नवीनीकरण, निर्माण और उपकरणों की स्थापना पर लगभग 12 बिलियन पाकिस्तानी रुपये खर्च किए हैं। हालांकि, अब तक इन स्टेडियमों पर बोर्ड का अधिकार स्थापित नहीं हुआ है, जिसके कारण टिकटों की बिक्री को लेकर भी कुछ असमंजस बना हुआ है।
इस बीच, 8 से 14 फरवरी तक न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के साथ त्रिकोणीय श्रृंखला की मेज़बानी की जा रही है, जो चैंपियंस ट्रॉफी से पहले इन स्टेडियमों में आयोजित होगी। पीसीबी को उम्मीद है कि इन कार्यों को समय रहते पूरा कर लिया जाएगा, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह स्टेडियम अपने वादे के मुताबिक विश्व स्तरीय अनुभव प्रदान कर पाएंगे।
गौरतलब है कि मंगलवार को आईसीसी के सीईओ ज्योफ एलार्डिस ने इस्तीफा दे दिया, और एक बोर्ड सदस्य ने इस बात का संकेत दिया कि पाकिस्तान की तैयारियों की स्पष्ट तस्वीर पेश करने में उनकी विफलता इस इस्तीफे का एक कारण हो सकती है।
पीसीबी के सामने इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में चैंपियंस ट्रॉफी को सफलतापूर्वक आयोजित करने की उम्मीदें और दबाव दोनों हैं।